रिपोर्ट - धीरेन्द्र सिंह
मथुरा में नेशनल फेडरेशन ऑफ इंडियन वूमेन (NFIW) उत्तर प्रदेश महिला फेडरेशन, मथुरा की जिला संयोजक एवं मंत्री राधा चौधरी ने सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ आवाज बुलंद करते विधवा, विकलांग, वृद्ध महिलाओं एवं किसानों की समस्याओं के तत्काल समाधान की मांग की।
अपनी मांगों में गोवर्धन विधानसभा क्षेत्र की महिलाओं, दिव्यांगों, विधवाओं एवं 60 वर्षीय किसानों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाते हुए ब्लॉक स्तर पर विशेष कैंप लगाकर पात्र लाभार्थियों को पेंशन दिलाने की मांग की गई। साथ ही जिन महिलाओं एवं किसानों की पेंशन लंबे समय से रुकी हुई है, उन्हें तत्काल पेंशन जारी करने की मांग रखी गई।
राधा चौधरी ने कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ पात्र गरीबों तक नहीं पहुंचना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। विधवा महिलाएं, दिव्यांग और वृद्ध किसान आर्थिक संकट में जीवन गुजारने को मजबूर हैं। पेंशन जैसी बुनियादी सहायता के लिए भी लोगों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं, जो प्रशासनिक व्यवस्था की गंभीर विफलता को दर्शाता है।

उन्होंने महिलाओं की सुरक्षा को लेकर भी सरकार और प्रशासन पर सवाल उठाते हुए कहा कि महिलाओं को भयमुक्त वातावरण और सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है। महिलाओं की सुरक्षा के लिए तत्काल प्रभावी कदम उठाए जाएं, ताकि वे निर्भीक होकर अपना जीवन व्यतीत कर सकें।
NFIW ने चेतावनी दी कि गरीब, मजदूर, किसान और महिलाओं की समस्याओं की लगातार अनदेखी लोकतांत्रिक व्यवस्था के प्रति जनता के विश्वास को कमजोर करती है। संगठन ने मांग की कि पेंशन संबंधी समस्याओं का समयबद्ध निस्तारण, ब्लॉक स्तर पर कैंप, लंबित पेंशन का भुगतान तथा महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ठोस कार्रवाई की जाए।

दिनांक 2 नवंबर 2026 को संगठन ने स्पष्ट किया कि जनहित के मुद्दों पर संघर्ष जारी रहेगा और पात्र लाभार्थियों को उनका अधिकार दिलाने के लिए आंदोलन को और तेज किया जाएगा। आन्दोलन में भारतीय कम्यूनिस्ट पार्टी के जिला सचिव याकूब शाह ने पहुंचकर सभी को सम्बोधित किया,A.i.S.F के पूर्व उपाध्यक्ष रवि उपाध्याय एडवोकेट ने सरकार पर तीख़ा हमला करते हुए कहा सरकार जन विरोधी महिला विरोधी हैं आज भी किसानों को खाद टाइम से नहीं मिल रहा महिलाएं दफ्तरों के चक्कर काट ती रहती उनकी कोई सुनवाई नहीं होती है।
सरकार से सवाल किया है आखिर कब तक गरीब महिलाएं, वृद्ध किसान और दिव्यांग अपने अधिकारों के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटते रहेंगे? अब हम बर्दाश्त नहीं करेंगे। धरना स्थल पर क्षेत्रीय लोग उपस्थित रहे।
