आगामी त्योहारों के मद्देनजर आम जनता और बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को स्वच्छ और गुणवत्तायुक्त खाद्य-पेय पदार्थ उपलब्ध कराने के लिए मथुरा प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। आयुक्त, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, उत्तर प्रदेश (लखनऊ) और जिलाधिकारी मथुरा के आदेशों के अनुपालन में खाद्य विभाग की टीम लगातार छापेमारी कर रही है।

डॉ. जतिन कुमार सिंह के निर्देशन और मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी के.के. त्रिपाठी के नेतृत्व में खाद्य सचल दल ने जनपद मथुरा के सीमावर्ती इलाकों से होने वाली खाद्य पदार्थों की आपूर्ति की कड़ाई से जांच की।

रोडवेज बसों और टैंकर्स की सघन चेकिंग
बाहरी जिलों से आने वाले संदिग्ध खाद्य पदार्थों को रोकने के लिए टीम ने टाउनशिप चौराहा, मंडी चौराहा और गोवर्धन चौराहा पर विशेष चेकिंग अभियान चलाया। इस दौरान कई रोडवेज बसों का गहन निरीक्षण किया गया, हालांकि किसी भी बस में कोई संदिग्ध सामग्री बरामद नहीं हुई। इसके अलावा, राया कट पर घेराबंदी करते हुए एक टैंकर से दूध का नमूना भी संग्रहित किया गया।

मिठाई दुकानों और डेरियों से लिए सैंपल
सचल दल ने विभिन्न क्षेत्रों में छापेमारी करते हुए कुल 4 संदिग्ध नमूने एकत्र किए, जिनमें शामिल हैं:

  • कच्ची सड़क: पीताम्बर दास मिठाई वाला की दुकान से रंगीन नारियल बर्फी और खोया का एक-एक नमूना।
  • गोवर्धन: शंकर मिल्क डेयरी से खोया का एक नमूना।
  • राया कट: दूध के टैंकर से मिश्रित दूध का एक नमूना।

जांच रिपोर्ट के बाद होगी सख्त कानूनी कार्रवाई
मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि संग्रहित किए गए सभी 04 नमूनों को सील कर जांच के लिए राजकीय खाद्य प्रयोगशाला (लैब) भेज दिया गया है। लैब से जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद संबंधित मिलावटखोरों और दुकानदारों के खिलाफ सख्त कानूनी और दंडात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

छापेमारी टीम में शामिल अधिकारी
इस महत्वपूर्ण कार्रवाई को अंजाम देने वाले खाद्य सचल दल में खाद्य सुरक्षा अधिकारी मोहर सिंह कुशवाह, रीना शर्मा, अरुण कुमार, नेहा और दिनेश कुमार भारती मुख्य रूप से शामिल रहे। प्रशासन ने साफ चेतावनी दी है कि त्योहारों के सीजन में जनता की सेहत से खिलवाड़ करने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।