उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और डीजीपी द्वारा अपराधियों को जल्द से जल्द सलाखों के पीछे भेजने के लिए चलाए जा रहे "ऑपरेशन कन्विक्शन" अभियान का बड़ा असर मथुरा में देखने को मिला है। मथुरा पुलिस की मजबूत पैरवी और गुणवत्तापूर्ण जांच के चलते, न्यायालय ने स्कूल जाती छात्रा का हाथ पकड़कर खींचने और छेड़छाड़ करने के एक पुराने मामले में आरोपी को दोषी करार देते हुए 4 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। आइए आपको बताते हैं क्या है यह पूरा मामला, मामला जनपद मथुरा के थाना फरह क्षेत्र का है, जहां साल 2014 में एक वादी की नाबालिग पुत्री के साथ स्कूल जाते समय छेड़छाड़ की गई थी। आरोपी कन्हैया ने छात्रा का हाथ पकड़कर खींचने का दुस्साहस किया था। इस संबंध में थाना फरह पर मु0अ0सं0 234/2014 के तहत आईपीसी की धारा 354 और 7/8 पोक्सो (POCSO) एक्ट के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया था। महिला सुरक्षा और बेटियों से जुड़े संवेदनशील मामलों को देखते हुए, पुलिस महानिदेशक (DGP) उ0प्र0 द्वारा चलाए जा रहे "ऑपरेशन कन्विक्शन" के तहत इस केस को प्राथमिकता पर लिया गया। अपर पुलिस महानिदेशक आगरा जोन, पुलिस उपमहानिरीक्षक आगरा परिक्षेत्र और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) मथुरा द्वारा इस मामले की निरंतर समीक्षा की जा रही थी और पुलिस टीम को उचित दिशा-निर्देश दिए जा रहे थे।
अदालत का फैसला
- दोषी अभियुक्त: कन्हैया पुत्र गंगाराम
- निवासी: धर्मपुरा, थाना फरह, जनपद मथुरा
- सजा का ऐलान: 04 वर्ष का कठोर कारावास
- अर्थदण्ड: 10,000/- रुपये का जुर्माना
- सजा सुनाने वाली अदालत: माननीय न्यायालय स्पेशल पोक्सो-02, मथुरा
- फैसले की तिथि: 31 अक्टूबर 2026
मथुरा पुलिस द्वारा अदालत में पेश की गई गुणवत्तापूर्ण विवेचना, पुख्ता साक्ष्यों और लोक अभियोजक (Prosecutor) के संयुक्त एवं प्रभावी प्रयासों का नतीजा आज सबके सामने है। विचारण के दौरान न्यायालय स्पेशल पोक्सो-02 मथुरा ने गवाहों और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर अभियुक्त कन्हैया को दोषी पाया। कोर्ट ने सख्त संदेश देते हुए आरोपी को 4 वर्ष की जेल और 10 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। इस ऐतिहासिक फैसले के बाद पुलिस प्रशासन ने अभियोजन टीम की इस बड़ी कामयाबी की सराहना की है, जिससे समाज में महिला सुरक्षा को लेकर एक मजबूत संदेश गया है।
