रिपोर्ट - धीरेन्द्र सिंह

मथुरा/लखनऊ: उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (DGP) द्वारा अपराधियों को सजा दिलाने के लिए चलाए जा रहे "ऑपरेशन कन्विक्शन" अभियान को आज एक और बड़ी सफलता मिली है। माननीय विशेष न्यायालय (पोक्सो-02), मथुरा ने नाबालिग बच्चों के यौन शोषण और अश्लील सामग्री के प्रसारण के गंभीर मामले में ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। अदालत ने आरोपी श्यामबिहारी को शेष प्राकृतिक जीवन काल (मरते दम तक) के लिए आजीवन कारावास और 1,43,000 रुपये के अर्थदण्ड की सजा सुनाई है।

साधू के भेष में चला रहा था घिनौना रैकेट
दोषी श्यामबिहारी (पुत्र बोध सिंह), जो कि सराय आजमाबाद, थाना जैत (जनपद मथुरा) का निवासी है, साधू का भेष बनाकर घूमता था। उसने ग्राम बाटी (थाना जैत) सहित उत्तर प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर मासूम और नाबालिग बच्चों को अपनी हवस का शिकार बनाया। इतना ही नहीं, वह बच्चों के यौन शोषण की अश्लील सामग्री को डाउनलोड करने, ईमेल आईडी के जरिए उसका प्रसारण और वितरण करने के घिनौने धंधे में भी लिप्त था।

CBI की प्रभावी पैरवी से मिली कामयाबी
मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी जांच स्पेशल क्राइम-03, नई दिल्ली/CBI को सौंपी गई थी। सीबीआई ने इस मामले में RC-07(S)/2025/CBI/SC-III/ND के तहत मुकदमा दर्ज किया था। महानिदेशक पुलिस के 'ऑपरेशन कन्विक्शन' अभियान के तहत, सीबीआई की गुणवत्तापूर्ण विवेचना (Investigation) और लोक अभियोजक (Public Prosecutor) के संयुक्त व प्रभावी प्रयासों के चलते आज अदालत में अपराध सिद्ध हो गया।

इन गंभीर धाराओं में मिली सजा
माननीय न्यायालय ने पत्रावली पर उपलब्ध वैज्ञानिक और ठोस साक्ष्यों के आधार पर दोषी को निम्नलिखित धाराओं में सजा सुनाई है:

  • भादवि (IPC): धारा 376 ए, बी (नाबालिग से दुष्कर्म) और धारा 506 (आपराधिक धमकी)।
  • पोक्सो एक्ट (POCSO): धारा 5(F)/5(M)/6/8/10/12/14/15 (बच्चों का गंभीर यौन उत्पीड़न)।
  • आईटी एक्ट (IT Act): धारा 67B (बच्चों से जुड़ी अश्लील सामग्री का ऑनलाइन प्रसारण)।

DGP के अभियान की सराहना
इस ऐतिहासिक फैसले के बाद पुलिस विभाग और आम जनता में हर्ष है। यूपी पुलिस के "ऑपरेशन कन्विक्शन" अभियान का मकसद ही ऐसे घिनौने अपराधियों के खिलाफ अदालतों में त्वरित और प्रभावी पैरवी करके जल्द से जल्द कठोरतम सजा दिलाना है, ताकि समाज में एक कड़ा संदेश जाए।