मथुरा। उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (DGP) द्वारा अपराधियों को सजा दिलाने के लिए चलाए जा रहे "ऑपरेशन कन्विक्शन" अभियान को मथुरा में एक बड़ी सफलता मिली है। जनपद न्यायालय (डीजे कोर्ट) मथुरा ने वर्ष 2016 के एक सनसनीखेज हत्याकांड के मामले में त्वरित व प्रभावी पैरवी के आधार पर सभी 6 अभियुक्तों को दोषी पाते हुए आजीवन कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही न्यायालय ने प्रत्येक दोषी पर 21,500/- रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।

क्या था पूरा मामला?
यह मामला थाना जैत जनपद मथुरा पर पंजीकृत मुकदमा अपराध संख्या 613/2016 (धारा 147, 148, 307, 149, 302, 149 भादवि) से जुड़ा है। अभियुक्तों ने एक राय होकर वादी और उसके भतीजे पर जानलेवा हमला किया था। इस दौरान अभियुक्त भण्डारी द्वारा फरसा से हमला किया गया, जबकि अभियुक्त डूंगर और सत्तो ने वादी के भतीजे पर गोली चला दी थी, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई थी। इस हिंसक वारदात में वादी का दूसरा भतीजा भी गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हो गया था।

इन दोषियों को मिली सजा:
माननीय न्यायालय ने साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर धारा 302/149 भादवि के तहत निम्नलिखित 6 अभियुक्तों को उम्रकैद की सजा सुनाई:

  1. लक्खो उर्फ लाखन सिंह (पुत्र ठाकुरिया, निवासी: मोहल्ला मनी, चौमुंहा, थाना जैत, मथुरा)
  2. डूंगर (पुत्र स्व. रघुनाथ, निवासी: आझई खुर्द, थाना जैत, मथुरा)
  3. सत्तो (पुत्र स्व. रघुनाथ, निवासी: आझई खुर्द, थाना जैत, मथुरा)
  4. भण्डारी उर्फ भूदेव (पुत्र स्व. रघुनाथ, निवासी: आझई खुर्द, थाना जैत, मथुरा)
  5. देवी सिंह (पुत्र लोहरे भगत, निवासी: आझई खुर्द, थाना जैत, मथुरा)
  6. धर्म सिंह (पुत्र पूरन सिंह, निवासी: जुझार कस्बा, चौमुंहा, थाना जैत, मथुरा)

वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन और पुलिस-अभियोजन के प्रयास से मिली सफलता
प्रदेशव्यापी "ऑपरेशन कन्विक्शन" के अंतर्गत इस मामले की पैरवी अपर पुलिस महानिदेशक (ADG) आगरा जोन, पुलिस उपमहानिरीक्षक (DIG) आगरा परिक्षेत्र और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) मथुरा के निरंतर मार्गदर्शन और समीक्षा में की जा रही थी। मथुरा पुलिस द्वारा की गई गुणवत्तापूर्ण विवेचना और लोक अभियोजक (Public Prosecutor) के संयुक्त व प्रभावी प्रयासों के फलस्वरूप ही कोर्ट ने रिकॉर्ड समय में साक्ष्यों के आधार पर यह ऐतिहासिक फैसला सुनाया। पुलिस प्रशासन के इस कदम की आम जनता में काफी सराहना हो रही है।