आगरा: रेलवे के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले डीआरएम (DRM) कार्यालय के भीतर रविवार की रात एक ऐसा खौफनाक मंजर सामने आया, जिसने पूरे महकमे को हिलाकर रख दिया है। चार महीने पहले ही तरक्की पाकर असिस्टेंट ऑपरेटिंग मैनेजर (AOM) बने अभिषेक कुमार अपने ही चैंबर में सोफे पर रहस्यमयी और संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाए गए। मौत का खौफ इस कदर साफ था कि अफसर के हाथ-पैर के नाखून पूरी तरह नीले पड़ चुके थे और उनके चैंबर से सटे बगल के कमरे में चारों तरफ उल्टी बिखरी पड़ी थी।


वरिष्ठ अधिकारियों पर प्रताड़ना का गंभीर आरोप
इस पूरे मामले में सबसे बड़ा और चौंकाने वाला मोड़ तब आया जब मृतक अफसर की पत्नी ने रेलवे के ही वरिष्ठ अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए। पत्नी का सीधा आरोप है कि उनके पति पर काम का अत्यधिक दबाव बनाया जा रहा था और सीनियर अफसरों द्वारा उन्हें लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित (हरेसमेंट) किया जा रहा था। इसी प्रताड़ना और एक्स्ट्रा ड्यूटी के चलते उनकी जान गई है।                                                                                                                                                 


खौफनाक रात की पूरी कहानी:
* परीक्षा ड्यूटी और आखिरी बातचीत: रविवार को प्रारंभिक पात्रता परीक्षा (PET) के कारण अभिषेक कुमार की ड्यूटी डीआरएम कार्यालय के कंट्रोल रूम में लगी थी। रात करीब 10 बजे तक उन्होंने ड्यूटी की। इस दौरान उन्होंने सहकर्मियों से अपनी तबीयत बिगड़ने और असहज महसूस होने की बात भी कही थी।
* अचानक बंद हुआ मोबाइल: ड्यूटी खत्म कर वह अपने चैंबर में चले गए। इसके बाद उनका मोबाइल फोन अचानक स्विच ऑफ हो गया। जब देर रात तक घर पर संपर्क नहीं हुआ, तो उनकी परेशान पत्नी ने रेलवे कंट्रोल रूम को इसकी सूचना दी।
* सोफे पर पड़ी मिली लाश: पत्नी की सूचना पर रात करीब 10:30 बजे जब रेलवे अधिकारी और कर्मचारी उनके चैंबर का दरवाजा खोलकर अंदर दाखिल हुए, तो सबके होश उड़ गए। अभिषेक कुमार सोफे पर बेसुध पड़े थे। उन्हें तुरंत रेलवे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें देखते ही मृत घोषित कर दिया।